मिडास : Midas by Helen
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Description
हैलन का असली उपन्यास अपने नये व वास्तविक रूप में रोमांस, एक्शन, थ्रिल एवं सस्पेन्स से भरपूर कथानक।
मिडास : Midas
हैलन : Helen
प्रस्तुत उपन्यास के सभी पात्र एवं घटनायें काल्पनिक हैं। किसी जीवित अथवा मृत व्यक्ति से इनका कतई कोई सम्बन्ध नहीं है। समानता संयोग से हो सकती है। उपन्यास का उद्देश्य मात्र मनोरंजन है। प्रस्तुत उपन्यास में दिए गए हिंसक दृश्यों, धूम्रपान, मधपान अथवा किसी अन्य मादक पदार्थों के सेवन का प्रकाशक या लेखक कत्तई समर्थन नहीं करते। इस प्रकार के दृश्य पाठकों को इन कृत्यों को प्रेरित करने के लिए नहीं बल्कि कथानक को वास्तविक रूप में दर्शाने के लिए दिए गए हैं। पाठकों से अनुरोध है की इन कृत्यों वे दुर्व्यसनों को दूर ही रखें। यह उपन्यास मात्र 18 + की आयु के लिए ही प्रकाशित किया गया है। उपन्यासब आगे पड़ने से पाठक अपनी सहमति दर्ज कर रहा है की वह 18 + है।
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मिडास
हेलन
वह दोनों हाथ उठाकर चिल्लाया।
सबके चेहरे उतर गये।
वह पिछले दो घण्टे से उस जुएखाने में था और शुरू में हारता रहा, फिर जीत का जो सिलसिला शुरू हुआ तो फिर वह लगातार जीतता ही चला गया।
उसकी जेबें भर चुकी थीं।
एनीबडी एल्स।
लोग टेबिल से हटने लगे।
वह टेक्सास के ऐसे जुएखाने में था जहां आने-जाने वाले अच्छे स्तर के नहीं होते थे। वहां आने वाले मर्द-औरतों में या तो कम आमदनी, ज्यादा मौज करने वाले थे या फिर अपराधी जाति से सम्बधित लोग हुआ करते थे।
नॉट भी उन्हीं में से एक था।
केलिफोर्निया में वह आराम से रह रहा था। मगर किसी तरह पुलिस और गुप्तचर विभाग के लोगों को उनकी गन्ध मिल गई और उन्होंने होटल घेर लिया।
बस उसी दिन से दोनों अलग-अलग हो गये।
सूफी भी पकड़ में नहीं आई।
नॉट किसी तरह टेक्सास आने में सफल हो गया था जब उसके अपराधी जीवन का साथी जिसकी एक दुर्घटना में टांग टूट गई थी, उसके काम आया।
वह काफी माल पैदा कर चुका था।
टेक्सास में वह एक छोटी-सी बस चला रहा था जिससे उसे खासी आमदनी हो रही थी। उसने नॉट को हाथों-हाथ लिया जो फ्रेंचकट नकली दाड़ी और मूंछ में अपनी शाम उसके बार में काउंटरमैन की तरह बिताने लगा।
बार में खासा वक्त गुजर जाता था।
मगर नॉट का मन नहीं लग रहा था।
वह इस तरह सेल्समैनशिप में यकीन नहीं करता था बल्कि उसे वहां बोरियत होने लगी थी और उसने एक दिन ऊब कर अपने मित्र को अपने दिल की बात बता दी-जिसने उसे घूमने-फिरने की सलाह दी।
नॉट टेक्सास की सड़कों पर आ गया।
सबसे पहले वह एक जुआघर में आया-जहां उसने अपना भाग्य आजमाया और जब वह वहां से चलने के लिये तैयार हुआ तो उसकी जेबें पूरी तरह भर चुकी थीं।
हाई क्लास होटल।
हाई क्लास लड़की।
यह उमंग लिये हुए बार से बाहर आया और तभी उसे खतरे की गन्ध मिली। वैसे टेक्सास के जुआघरों में जो निम्न स्तर के इलाके में थे यह आम बात थी कि जो जीतता वो शायद ही पूरी रकम लेकर अपने घर जा पाता था।
उस दिन नॉट मालामाल था।
मगर बाहर उसके ग्राहक खड़े थे।
वह लम्बे कद का आदमी नीली पैन्ट और कत्थई रंग की जर्किन पहने जेबों में हाथ डाले हुए खड़ा था। उसके पास ही ठिगने कद का एक मजबूत आदमी उंगलियों में सिगरेट दबाये हुए लम्बे-लम्बे कश लेकर धुआं छोड़ने के साथ-साथ चुटकी बजाकर गुल गिराने का प्रयास कर रहा था और तीसरा एक औसत कद का छरहरे बदन वाला आदमी था।
वह कमर पर हाथ रखे खड़ा था।
तीनों के अन्दाज खतरनाक थे।
नॉट सर को एक झटका देकर आगे बढ़ा और तभी ठिगने कद वाला अपनी जगह से हिला, फिर नॉट के सामने आकर रास्ता रोककर खड़ा हो गया।
“क्या बात है डियर?” नॉट प्रेम से बोला।
“तुम आज बहुत रकम जीत कर निकले हो।” वह सिगरेट का अन्तिम कश लेकर हवा में टुकड़ा उछालकर बोला—“जितना जीते हो बाहर निकाल दो।”
“क्यों तुम्हारे बाप का माल है क्या?” नॉट भी उस वक्त मौज में था।
“हूं।”
“अब रास्ते से हटो।”
मगर इस बार उसने नॉट से कुछ कहने के बजाय हाथ चला दिया परन्तु नॉट उससे सतर्क था। उसने उसका हाथ हवा में ही रोक लिया और घुटना उठा दिया।
घुटना पेट में लगा।
उसके मुंह से अजीब-सी आवाज निकली और अभी वह पहले वार को झेल भी नहीं पाया था कि नॉट ने उसका पकड़ा हुआ हाथ आगे की तरफ झटक दिया-उसके साथ ही अपना पैर भी अड़ा दिया और वह जमीन से करीब एक फुट ऊपर उछलकर मुंह के बल जमीन पर गिर पड़ा।
दुबला लपका।
नॉट पहले ही अन्दाजा लगा चुका था।
वह अपनी जगह से हिला और एकदम बैठकर फिर से उठ गया। वह आदमी बड़े जोश में आगे बढ़ा था जिसके फलस्वरूप वह उसके कन्धों पर से होता हुआ जमीन पर गिरा और तभी नॉट ने अपना पैर आगे बढ़ाया।
ठिगना उठ रहा था।
मगर जूते का वार उसकी गुद्दी पर हुआ और वह फिर गिर गया लेकिन तब तक दुबला उठ चुका था पर नॉट ने घूम कर उसके पेट में घूंसा मार दिया।
वह झुका।
तभी नॉट ने अपना घुटना उठाकर उसकी ठुड्डी पर मार दिया और फिर दनादन घूंसे और घुटने के वारों ने उसकी हालत ऐसी बिगाड़ी कि वह चकराकर गिरा।
नॉट के हाथ-पैर बड़ी फुर्ती से चले।
तभी ठिगने ने चाकू निकाल लिया।
नॉट ने महसूस किया कि मामला गम्भीर होता जा रहा है, फिर भी उसने अपनी जेब में पड़ी रिवॉल्वर नहीं निकाली नहीं तो वह तीनों को बड़े आराम से मार सकता था ज्यादा झझंट की जरूरत नहीं पड़ती।
लेकिन वह बखेड़े में फंसना नहीं चाहता था।
वैसे तो झमेला खुद ही पैदा हो गया था लेकिन रिवॉल्वर से उसे खून का रंग देकर पुलिस को अपने पीछे लगाना नहीं चाहता था वह कैलीफार्निया से बड़ी मुश्किल से पुलिस की गिरफ्त से बचकर आने में सफल हुआ था।
लेकिन वो चाकू निकाल चुका था।
उधर लम्बे कद का भारी भरकम आदमी भी जो अब तक बड़े इतमीनान से खड़ा हुआ था जर्किन की जेब से हाथ निकाल कर नॉट की तरफ बढ़ने लगा था।
इसी बीच तमाशबीन भी आ गये।
नॉट ने ठिगने को देखा।
वह गले से आवाज निकालते हुए जैसे ही चाकू तान कर बढ़ा नॉट बड़ी तेजी से एक तरफ को बढ़ गया, फिर वह झोंक में आगे की तरफ बढ़ा। मगर इससे पहले कि वह रुक कर पलट पड़े नॉट ने उसकी कमर पर बड़ी जबरदस्त ठोकर लगाई और उसके दोनों पैर जमीन पर से उखड़ गये।
वह फिर उछला।
इस बार वह पहले जमीन पर गिरने की बजाय दीवार से टकराया, फिर नीचे आया और नॉट सीधे लम्बे वाले से भिड़ गया जो एक क्षण के लिये भौचक्का हो गया था।
वह पीछे हटा।
नॉट ज्यादा समय नहीं गवांना चाहता था। इसलिये उसने उसे बिना कोई मौका दिये हुए उसके पेट में घूंसों की बरसात कर दी। वह डकराने लगा।
नॉट ने उसके बाल पकड़ लिये।
वह बार-बार उसका सर नीचे झुकाता फिर उसके मुंह पर घुटना मार दिया करता। इस धुआंधार ठोकर ने उस भारी-भरकम के भी होश ठिकाने लगा दिये।
लम्बा जमीन पर पड़ा था।
ठिगना कुछ इस तरह से बेतुके ढंग से गिरा था कि उठ भी नहीं पा रहा था।
नॉट हाथ झाड़कर चल दिया।
वहां खड़े लोग मूक दर्शकों की तरह यह हंगामा देखते रह गये, नॉट को रोकने की किसी ने हिम्मत नहीं की थी जबकि उसे अंदाजा था कि उन तीनों के और भी साथी होंगे।
लेकिन कोई नहीं आया।
वह गली के मोड़ तक ही पहुंचा था कि अपने पीछे कदमों की आहट मिली। ऐसा लगता था कि कोई ऊँचे एड़ी के सैंडिल पहने हुए दौड़ रहा हो।
वह गली पार गया।
“हे...!” तभी वह आ गई।
नॉट मुड़ा और होंठ सीटी बजाने के अन्दाज में गोल हो गये।
वह एक हसीन लड़की थी।
हाई क्लास सोसाइटी की छोकरी तो नहीं थी पर मध्यम श्रेणी की लड़की होने के बावजूद आकर्षक थी। वह अपने छरहरे जिस्म पर एक स्कर्ट और चुस्त बनियान पहने हुए थी जो इतनी चुस्त थी कि उसके उरोजों की पुष्टता और आकार साफ-साफ झलक रही थी जिनकी खूबसूरती में हांफने के कारण और भी आकर्षण पैदा हो गया था।
“हैलो...।”
“मैं तुमसे बात करना चाहती हूं।”
“मैं तो समझा था कि तुम शायद उन तीनों की रिश्तेदार हो।” नॉट ने कहा।
“नहीं...मैं हांलाकि इसी इलाके में रहती हूं।” वह बोली—“पर मेरी कोई रिश्तेदारी नहीं।”
“तो यहीं बात करोगी?”
“नहीं, हे टैक्सी!” वह हाथ उठाकर चिल्लाई।
नॉट भी टैक्सी के मूड में था।
वैसे उसकी शाम खुशगवार थी।
बहुत दिनों बाद उसकी जेब रकम से भर गई थी, फिर कई दिनों बाद उन तीनों की ठुकाई करने के बाद उसके हाथ-पैरों की जंग भी साफ हुई थी और फिर यह लड़की मिल गई।
लड़की भी हसीन थी।
टैक्सी रुकी।
“कम ऑन!” वह टैक्सी का गेट खोलकर बोली फिर पहले खुद ही अन्दर सरक गई।
फिर नॉट बैठा।
“तुम किस क्लास के रेस्टोरेन्ट में चलना पसन्द करोगे?” उसने नॉट के कन्धे पर हाथ रखकर पूछा—“या वैसे चाहो तो मैं तुम्हें एक बढ़िया फ्लैट में ले चलूं।”
“तुम्हें बात ही करनी है न?”
“हां।”
“जहां मर्जी हो ले चलो।”
लड़की ने एक पता बताया।
जब टैक्सी चल पड़ी तो नॉट को यह ख्याल आया कि यह लड़की कही बेवकूफ तो नहीं बना रही थी। वह इसी इलाके की रहने वाली थी जिस जगह के तीन गुंडों की नॉट ने ठुकाई कर दी थी। फिर उसने दिमाग से चिंता निकाल दी।
जो होगा देखा जायेगा।
“हूं....तो क्या बात है जो तुम कहना चाहती हो?” नॉट ने बड़ी बेबाकी से उसकी लम्बी जांघ पर हाथ रखकर पूछा—“यह तो कम से कम बता दो।”
“बहुत जरूरी बात है।” नॉट के स्पर्श पर उसने कोई भी ऐतराज नहीं किया बल्कि उसके गले में बांह डालकर और भी करीब हो गई।
गजब की छोकरी थी।
मगर नॉट यह नहीं समझ पा रहा था कि यह लड़की कोई कालगर्ल है जो रकम देखकर लालच में खुद ही उसकी तरफ आ गई थी या फिर कोई और बात थी।
वैसे लड़की फ्रैंक थी।
“तुमने तो गजब कर दिया।” वह नॉट के चेहरे के करीब चेहरा लाकर बोली।
“कैसा...?” नॉट ने उसकी जंघा की कोमलता का स्पर्श करते हुए कहा।
“उन तीनों को ठोक दिया।” वह करीब होकर बोली—“जिन्हें यहां के इलाके का दादा कहा जाता है और वो आज तक सिर्फ पीटते ही रहे हैं, पिटे नहीं।”
नॉट रोमांचित हो उठा।
वह उसके काफी समीप थी, इतने समीप कि उसके पुष्ट उरोजों का सुडौल स्पर्श वह अपनी बांहों पर महसूस कर रहा था जिसने उसे गुदगुदा दिया।
“गनीमत सिर्फ उन्हें मारा।” नॉट उसका एक पैर उठा कर अपने घुटने पर रखकर बोला—“नहीं तो मैं सोच रहा था कि उसके हाथ-पैर तोड़ दूं।”
उसने तड़ाक से चुम्बन जड़ दिया।
नॉट अभी उसके होंठों के स्पर्श के जादू से उभरा भी नहीं था कि वह हसीना उसके अंक में आ गई। अपने पतले अधर उसके अधरों की तरफ बढ़ा दिये।
शायद अधर जुड़े ही रहते।
लेकिन टैक्सी रुकी।
“तुम बहुत गजब के आदमी हो।” वह सरसराती आवाज में बोली—“मैं तुम्हें नहीं छोड़ूंगी।”
“अभी तो उतरा जाये।”
पहले वह उतरी फिर नॉट उतरा और उसे यह देखकर आश्चर्य हुआ कि बिल उसने ही अदा किया। फिर वह उसका हाथ पकड़कर एक बिल्डिंग की तरफ ले जाने लगी।
नॉट बस चला जा रहा था।
वो कोई रेजीडेन्शियल बिल्डिंग थी जिसके ग्राउन्ड फ्लोर पर एक काउन्टर था और काउन्टर पर मौजूद अधेड़ आदमी, जो शायद रिसेप्श्निस्ट था, ऊंघ रहा था।
“तुम सोते रहो डियर।”
वह हंसा।
वह सर हिलाकर रह गया।
नॉट को वह सीधे लिफ्ट में ले गई और लिफ्ट के शटर बन्द होने के पहले उसने उसके गले में बांहें पहना दीं और उसने होंठ फिर बढ़ा दिये।
पतले होठों का चुम्बन मधुर था।
लिफ्ट रुकी।
“कमऑन।”
नॉट बाहर आया।
कारी, डोर में वह आगे-आगे चल रही थी, उसके आकर्षक कूल्हे नॉट के दिल की धड़कनें बढ़ा रहे थे, फिर वह एक दरवाजे के सामने रुकी और बेल दबाई।
तब तक नॉट भी पहुंच गया।
सिल्वर मेन्शन फ्लैट नम्बर नाइन सिक्स यह दोनों चीजें उसके दिमाग में समा गई थीं और तभी उस फ्लैट का दरवाजा खुला। एक हसीन चेहरे ने झांका।
वह उस लड़की को पहचानती थी।
उसने दरवाजा खोला, फिर पहले वह लड़की गई, उसके बाद नॉट ने अन्दर प्रवेश किया।
“यह कौन है?”
नॉट का दिल धड़क गया।
दरवाजे के पीछे एक लम्बे कद की हसीन लड़की थी जिसने नॉट को देखकर अपने उरोज अपनी कोमल बांहों से छिपा लिये थे और उसे आश्चर्य से देख रही थी।
“अभी बताती हूं।” उसी लड़की ने दरवाजा बन्द किया फिर नॉट की बांह थामकर बढ़ी।
वह पीछे थी।
नॉट बार-बार मुड़कर उसे ही देख रहा था जो अपना पुष्ट सौन्दर्य हाथों से ढके हुए बढ़ रही थी लेकिन वह उसे ज्यादाह नहीं देख पाया क्योंकि उसने एक दरवाजा खोला था।
नाट का दिमाग चकरा गया?
वहां तीन और लड़कियां थीं और वो भी सिर्फ ब्रीफ में ही थीं जिन्होंने जो कपड़ा मिला उससे अपने पुष्ट सौन्दर्य को ढक लिया और नॉट ने एक गहरी सांस ली।
वहां दो आदमी भी थे।
एक बुढ़ापे में कदम रख चुका था और दूसरा जवान आदमी था जो नॉट को घूर रहा था।
“यह क्या स्टेला?” वृद्ध आदमी ने नॉट के साथ वाली लड़की से कहा—“किसे लाई हो?”
“मैंने आपको डिस्टर्ब तो किया है।” वह बोली और बड़ी बेबाकी से बूढ़े के पहलू में बैठ गई—“लेकिन जब इसके बारे में आप सुनेंगे तो हैरानी में रह जायेंगे।”
नॉट बैठ गया।
उसे उनकी बातों से कोई मतलब नहीं था, वह तो मांसल देह वाली उन हसीन लड़कियों को देख रहा था जो उस वक्त स्वर्ग से उतरी हुई अप्सरा लग रही थीं।
“ऐसी क्या बात है?”
“आप ऐसे आदमी की तलाश में थे जो बॉबी की ठुकाई कर सके।” स्टेला बोली।
“हां।”
“इसने अभी थोड़ी देर पहले उसे और उसके दोनों चमचों को बुरी तरह मारा है।”
“ओह!” वह मुस्कुराया।
“यह बहुत बहादुर आदमी है।”
“हे!” उसने एक लड़की से कहा जिसने दरवाजा खोला था, “इस खुशी में जाम बनाओ।”
नॉट ने एक गहरी सांस ली।
वह एक भरपूर युवती थी।
उसने व्हिस्की सर्व की और जब वो नॉट को व्हिस्की सर्व करने आई तो उसने पहले उसकी पुष्टता को थपथपाया फिर जाम लिया और वह मुस्कुराई।
बाकी लड़कियां भी सामान्य हो गईं।
सभी हसीन और दिलकश थीं।
“अगर तुमने बाबी सहित तीनों आदमियों को पीटा है तो इसका मतलब है कि तुम वाकई बहादूर आदमी हो।” बूढ़े ने हंसकर कहा—“मुझे खुशी हुई सुनकर।”
“थैक्स!”
“तुम जैसे आदमी की मुझे तलाश थी।” वह बोला, फिर अपने पास बैठे युवक से बोला—“मेरा ख्याल है आज की रात तुम ही मनोरंजन करो, मैं जरा चलूं।”
“क्यों?”
“मुझे इनसे बात करनी है।”
नॉट खूबसूरती के उस बाग से उठना नहीं चाहता था लेकिन वह बूढ़ा उठ गया था। स्टेला भी वहीं बैठी रह गई थी और वह बूढ़ा उसे एक अन्य कमरे में लाया।
“हूं....।” उसने दरवाजा अन्दर से बन्द करने के बाद नॉट की तरफ घूमकर पूछा—“कैसे हो नॉट?”
नॉट बुरी तरह उछल पड़ा।
वह हंस पड़ा।
“नॉट।” वह हंसने के बाद बोला—“स्टेला ने तुम्हें दाढ़ी-मूछों के बाद भी पहचान लिया।”
“मैं...?”
“तुम व्हिस्की ही पियोगे या काकटेल बनाऊं?” बूढ़े ने उसकी बात काटकर कहा ।
“सिर्फ व्हिस्की।”
उसने रैक में रखी बोतल उठाई, फिर दो पैग बनाकर सोडा साइफन उठाया।
“यानि कि आप लोग मुझे जानते हैं?” नॉट ने पैग बना रहे बूढ़े से पूछा।
“अच्छी तरह।” वह उसे एक पैग खुद देकर और एक अपने लिये बना कुर्सी पर बैठकर बोला—“बहुत अच्छी तरह, और तुम खड़े क्यों हो, बैठो।”
नॉट बैठ गया।
“वैसे तुमने बड़े सही वक्त पर रैगर की बार छोड़ दी।” वह एक घूंट भर कर बोला—“यहां की पुलिस और गुप्तचर विभाग को सूचना मिल गई थी कि तुम यहां आ चुके हो वो बहुत दिनों से तुम्हें तलाश कर रहे थे और आज दोपहर ही हेडक्वाटर्स में खबर लग गई थी कि तुम रैगर के पास हो।” वह कहते-कहते रुका और अपने गिलास में पड़ी हुई व्हिस्की हलक में उड़ेली।
नॉट ने भी घूंट भरा।
लेकिन उसे वह रहस्यमय बूढ़ा खतरनाक लग रहा था जो उसे पहचानता था और स्टेला भी रहस्यमयी हो गई थी जो उसे यहां तक लेकर आई थी।
“मेरे रैगर से अच्छे सम्बन्ध हैं।” वह बोला—“मुझे जैसे ही पता चला कि उसके यहां रेड होने वाली है मैंने स्टेला को भेजा लेकिन तुम वहां से जुआ खेलने निकल चुके थे।”
नॉट ने एक सिगार निकाली।
“स्टेला वहां गई जिसे रैगर ने हुलिया बता दिया था और उसने तुम्हें ढूंढ भी निकाला।”
नाट ने धुआं उड़ाया।
“यानि वह जानती थी कि मैं कौन हूं तब भी उसने मुझे टैक्सी में नहीं बताया।”
“मैंने उसे सख्त हिदायत दे रखी थी कि वह तुम्हें कुछ भी नहीं बताये और यहां ले आये।” वह बोला—“बाहर भी भरोसे का आदमी नहीं है इसलिये स्टेला ने बाबी की पिटाई वाली बात से संकेत दिया कि मिस्टर नॉट यहां आ चुके हैं।”
“बाहर कौन है?”
“सिवाय स्टेला के बाकी सब बाहरी हैं।” वह बोला—“अगर मौज करनी है तो महफिल में आओ।”
“मेरा मूड उखड़ गया है।”
“खैर चिन्ता मत करो।” वह बोला—“यहां तुम पूरी तरह सुरक्षित हो, तुम और पियोगे?”
“हां!”
उसने बड़ा पैग बनाया।
“मगर आपने अपने बारे में नहीं बताया।” नॉट ने पैग लेकर कहा—“फिर यह भी तो मुझे मालूम होना चाहिये कि मुझमें आप क्यों दिलचस्पी ले रहे हैं?”
“यह सब मैं बता देता।” वह जाते-जाते बोला—“मगर तुम देख चुके हो बाहर मैंने लड़कियों को भी बुलाया है और एक मेहमान भी है इसलिये कल बात करेंगे।”
नॉट सोचने लगा।
“वैसे इस वक्त बाहर का माहौल ठीक नहीं है।” वह बोला—“पुलिस और जासूस हर उस आदमी को चैक कर रहे हैं जिससे कभी तुम्हारे सम्बन्ध रहे थे।”
वह घूरता रहा।
“यहां तुम पूरी तरह सुरक्षित हो।” वह बोला—“कोई शक भी नहीं कर सकता कि तुम यहां मौजूद हो सकते हो और फिर मुझ पर हाथ डालना भी आसान काम नहीं है।”
नॉट उठा।
“यह दरवाजा जो तुम देख रहो हो।” वह बोला—“वो तुम्हें एक कमरे में पहुंचा देगा, मैं बाहर जाकर देखता हूं वैसे हो सकता है स्टेला वहां हो।”
नॉट कुछ नहीं बोला।
वह बूढ़ा बाहर निकल गया मगर जाते-जाते दरवाजा बन्द कर गया था। वह तो चला गया था मगर नॉट के लिये समस्या पैदा कर गया था हालाकि एक तरह से उसने उसे पुलिस के हाथों जाने से बचा लिया था मगर फिर भी यह जानना जरूरी था कि वह कौन है और उसका यहां लाने का क्या मकसद है।
उसने पैग खत्म किया और बढ़ा।
बूढ़े के बताये हुए दरवाजे के बाद जो कमरा था वहां पहुंच कर उसने अपने कपड़े उतारे और सिगार जलाने का विचार कर ही रहा था कि वहां जल रहे धीमी रोशनी वाले बल्ब के उजाले में उसने दरवाजा खुलते देखा।
स्टेला अन्दर आ गई।
नॉट का दिल धड़क गया।
वह उस वक्त यह भूल गया कि स्टेला का व्यक्तित्व भी रहस्यमय है और उससे उसके नजर आते ही सबसे पहले बूढ़े के बारे में जानकारी हासिल करनी है।
स्टेला वहां आ तो गई थी। मगर उसने कमरे में कदम रखते ही नॉट को रूमानी दुनिया में पहुंचा दिया और फिर वहां धीमे-धीमे उसके पास आकर रुक गई।
नॉट की कनपटियां गर्म होने लगीं।
वह उसके सामने थी, सिर्फ एक ब्रीफ में उसके कमरे में उसने कदम रखा था।
नॉट ने उसे सर से पैर तक देखा।
वह छरहरे जिस्म वाली अट्ठाईस-तीस बरस की एक भरपूर युवती थी जिसकी त्वचा का रंग बादामी था, धूप से तपाया हुआ। उसके गोल कन्धे लम्बी-लम्बी बांहें, पूर्णतः पुष्ट और सुडौल एक-दूसरे के बीच दूरी बनाये हुए उरोज, बगलों से कमर तक आकर्षक कटाव और लम्बी जंघाओं ने उसके रूप को मादक और उत्तेजक बना दिया था।
वह तेज सांसें ले रही थी।
उसके हसीन चेहरे की सुर्खी बढ़ गई थी, और आंखों के पपोटे भारी थे और होंठ फड़क रहे थे।
नॉट बौखला गया।
वह अचानक उसके समीप आ गई थी और उसके गले में बांहें पहना कर उसके होठों पर अपने होंठ रख दिये थे। नॉट उसके इस मधुर चुम्बन में खो गया। वह उसके सीने के करीब थी और पुष्टता नॉट के दिल की धड़कनें बड़ा रही थी।
कह कुछ भी नहीं सका।
स्टेला जैसी मादक और उत्साही लड़कियां उसके जीवन में बहुत कम आई थीं और जो आई थीं वो उसके दिलो-दिमाग पर छाई रही थीं।
स्टेला हावी हो रही थी।
कुछ ही पलों में उसके अधरों और स्पर्श ने उसके दिमाग से यह बात गायब कर दी थी कि बाहर पुलिस उसे तलाश कर रही है और वह एक अजनबी के साथ है।
“यू आर ग्रेट नॉट!” वह पीछे हटी।
नॉट ने सिगार उठाई।
“मैं कब से तुम्हें पाने का सपना देख रही थी।” उसने बार रैक खोल कर उसमें से व्हिस्की निकाली।
नॉट ने सिगार जलाई।
स्टेला का हर रेशा हसीन था।
लम्बी पीठ और उसके बीच गर्दन से कमर तक प्राकृतिक रेखा में पसीना चमक रहा था और वो जल्दी-जल्दी पैग बना रही थी, फिर वह नॉट के करीब आ गई।
“मैं सोचा करती थी कि तुम जब भी मिलोगे।” वह पैग थमा कर बोली—“तुम्हें पाकर रहूंगी।”
नॉट ने घूंट भरा।
“आज!” वह कुशन पर लेटकर बोली—“वो सपना...।”
नॉट ने सिगार खत्म की।
“लव मी डार्लिंग!” उसने कुशन पर अपनी बांहें फैला कर कहा—“लव मी माई स्वीट हार्ट!”
नॉट ने उसके अधरों पर अधर रखे।
वह भी रोमांचित था।
उसने प्यार से उसकी कोमल पिंडलियां, जंघायें और उदर सहलाया। फिर वह जब उसकी पुष्टता को दुलार करने लगा तो स्टेला के होंठों की फड़कन बढ़ गई।
नॉट भी रोमांचित था।
स्टेला की पुष्टता में जादू था और नॉट के दुलार ने उसे और भी रोमांचित कर दिया था, फिर उसने नॉट के गले में बांहें पहना दीं और अपने होंठ बढ़ाये।
नॉट सुडौल पीठ सहलाने लगा।
“डार्लिंग!” वह कांप रही थी।
नॉट ने उसे बांहों से मुक्त किया और अपने गिलास में बची हुई व्हिस्की खत्म की और स्टेला को देखा जो खड़ी सिगार पी रही थी।
वह गहरे कश लेती रही।
वह उसे देखता रहा।
फिर उसने सिगार एश ट्रे में बुझाई और अपना अन्तिम वस्त्र भी उतार कर उछाल दिया।
नॉट ने पलके मूंद लीं।
¶¶
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Additional information
Book Title | मिडास : Midas by Helen |
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Isbn No | |
No of Pages | 234 |
Country Of Orign | India |
Year of Publication | |
Language | |
Genres | |
Author | |
Age | |
Publisher Name | Ravi Pocket Books |
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